Skip to main content

3 प्रश्न जो अक्सर पुच्छे जाते है

Question 1. Blood pressure, sugar आदि की तरह क्या शरीर में होने वाले ददर् (जैसे दांत दर्द, पेट ददर्, प्रसव पीड़ा, एक्सीडेंट में होने वाले अंग भंग के कारण होने वाले ददर्) को मापा जा सकता है?

Answer - दर्द एक प्रकार की अनुभूति है, जो अलग-अलग लोगों में अलग-अलग हो सकती है। आपने जो अन्य अनुभूतियां गिनोई हैं, उनके मापन के पैमाने विकसित नहीं हुए हैं। अलबत्ता, मस्तिष्क की दशा का अध्ययन करने वाले इन अनुभूतियों का अध्ययन जरुर करते हैं। ददर् का पैमानो स्वयं व्यक्ति होता है। उसकी अनुभूति या प्रतिक्रिया से अंदाजा लगाया जाता है कि ददर् कितनो तीखा है। बहरहाल, चिकित्सकों ने अपने पर्यवेक्षण के आधार पर हल्के ददर्, तीखे ददर्, बेतहाशा ददर् और असहनीय ददर् के अपने मानक तैयार किए हैं। इनमें पीडि़त व्यक्ति के चेहरे, हाव-भाव, हाथ-पैरों के संचालन और अन्य शारीरिक दशाओं से अनुमान लगाया जाता है। इंटरनेशनल असोसिएशन फॉर द स्टडी ऑफ पेन ने फेकसेज पेन स्केल रिवाइज्ड (एफपीएस- आर)नोम से एक पैमानो बनोया है, जिसमें 0 से 10 के बीच दशाओं को प्रकट किया जाता है। यहां 0 का अर्थ ददर् नहीं और 10 का अर्थ असहनीय ददर् है। ऐसे ही शिम्द्त स्टिंग पेन इंडेक्स और एडलर हे ट्रायग पेन स्कोर है। इन सबसे ज्यादा प्रचलित डोलीरीमीटर है, जिसमें एक उपकरण के मार्फत मनुष्य की नब्ज वगैरह के माध्यम से ददर् के तीखेपन को दजर् करने की कोशिश की जाती है। इसकी यूनिट डेल है। मानो जाता है कि व्यक्ति 45 डेल से आगे ददर् सहन नहीं कर सकता। लेकिन प्रसव के समय स्त्री 57 डेल तक का ददर् सहन कर जाती है। पिछले साल अमरीका के स्टेनफ़ोर्ड विवि और North वेस्टर्न विवि के कुछ विशेषज्ञ ने मिलकर ददर् मापने के तरीके को विकसित करने के लिए कुछ प्रयोग किए, जिनकी रिपोर्ट प्लास वन नोमक जनर्ल में प्रकाशित की गई। इसमें 24 लोगों के हाथों में जलन पैदा की गई और फिर उनके एमआरआई किए गए। इनसे प्राप्त तथ्यों की तुलनो कुछ अन्य व्यक्तियों की पीड़ा अनुभूति से की गई। संभव है कि वे ददर् का कोई पैमानो बनोने में कामयाब हो पाएं। इस परीक्षण की रिपोर्ट को इस यूआरएल पर देखा जा सकता है।

http://www.plosone.org/article/related/info:doi/10.1371/journal.pone.0024124

 

2 Question उल्लू रात में कैसे देखता है?

Answer -  उल्लू ऐसा जंतु है, जो बहुत कम रोशनी में भी चीजों को आसानी से देख लेता है। इसकी अधिकतर प्रजातियां रात में देखने की क्षमता रखने वाली हैं। इनकी आंखों में कई प्रकार की अनुकूल क्षमता होती है। खासतौर पर आंखों का आकार बाकी पक्षियों की तुलनो में काफी बडा़ होता है। इसके रेटिनो में प्रकाश संवेदनशील कोशिकाएं होती हैं। कॉनिर्या भी बड़ा होता है पर वे दूरदशीर् होते हैं। इस कारण पास की चीजें अच्छी तरह से देख नहीं पाते।

3 Question दुनिया का सबसे छोटा हवाईअडडा कहां है?

Answer करीबियन सागर के द्वीप सबा का हवाईअडडा दुनिया का सबसे छोटा हवाईअडडा मानो जाता है। इसका रनवे 400 मीटर लंबा है। इस हवाईअडडे पर जेट विमान नहीं उतरते, क्योंकि उनके लिए लंबा रनवे चाहिए होता है।

Popular posts from this blog

कुंडलिनी ध्यान : Osho Meditation Technique

दोस्तों आज मैं आपके साथ कुंडलिनी ध्यान (kundalini Meditation) विधि शेयर करने जा रहा हू जो ओशो (Osho) के द्वारा बताई गई है. यह एक अदभुत ध्यान-पद्धति है और इसके जरिए मस्तिष्क से हृदय में उतर आना आसान हो जाता है। [caption id="attachment_698" align="alignnone" width="300"] ओशो कुंडलिनी ध्यान विधि[/caption] एक घंटे के इस ध्यान में पंद्रह-पंद्रह मिनट के चार चरण हैं। पहले और दूसरे चरण में आंखें खुली रखी जा सकती हैं। लेकिन तीसरे और चौथे चरण में आंखें बंद रखनी हैं। सांझ इसके लिए सर्वाधिक उपयुक्त समय है। पहले चरण की संगति सपेरे के बीन-स्वर के साथ बिठायी गयी है। जैसे बीन-स्वर पर जैसे सर्प अपनी कुंडलिनी तोड़कर उठता है, और फन निकालकर नाचने लगता है, वैसे ही इस ध्यान के सम्यक प्रयोग पर साधक की सोई हुई कुंडलिनी शक्ति जाग उठती है। कुंडलिनी ध्यान विधि (By Osho) का  पहला चरण  शरीर को बिलकुल ढीला छोड़ दें और पूरे शरीर को कंपाएं, शेक करें। अनुभव करें कि ऊर्जा पांव से उठकर ऊपर की ओर बढ़ रही है। kundalini Meditaion  विधि ( Osho) का दूसरा चरण संगीत की लय पर नाचे—जैसा आपको भाए—और...

अग्निशिखा ध्यान : ओशो ध्यान विधि

दोस्तों आज मैं आपके सामने ओशो (Osho) के द्वारा बताई गई सर्वप्रसिद विधि (Meditation) अग्निशिखा (Agnishikha) Share कर रहा हु आशा करता हु आपको पसंद आएगी. अच्छा हो कि शाम के समय अग्निशिखा ध्यान किया जाए। और यदि मौसम गर्म हो तो कपड़े उतारकर। इस ध्यान-विधि में पांच-पांच मिनट के तीन चरण हैं। पहला चरण कल्पना करें कि आपके हाथ में एक ऊर्जा का गोला है—गेंद है। थोड़ी देर में यह गोला कल्पना से यथार्थ सा हो जाएगा। वह आपके हाथ पर भारी हो जाएगा। दूसरा चरण ऊर्जा की इस गेंद के साथ खेलना शुरू करें। इसके वजन को, इसके द्रव्यमान को अनुभव करें। जैसे-जैसे यह ठोस होता जाए, इसे एक हाथ से दूसरे हाथ में फेंकना शुरू करें। ओशो की एक अन्य विधि पढने के लिए यहाँ पर क्लिक करें - सक्रिय ध्यान विधि : ओशो  Osho Active Meditation    यदि आप दक्षिणहस्तिक हैं तो दाएं हाथ से शुरू करें और बाएं हाथ से अंत; और यदि वामहस्तिक हैं तो यह प्रक्रिया उलटी होगी। गेंद को हवा में उछालें, अपने चारों ओर उछालें, अपने पैरों के बीच से उछालें-लेकिन ध्यान रखें कि गेंद जमीन पर न गिरे। अन्यथा खेल फिर से शुरू करना पड़ेगा। इस चरण के अंत में गें...

मंडल ध्यान : Osho Meditation Technique

दोस्तों इस वेबसाइट पर ओशो के द्वारा बताई गई ध्यान की 5 विधि मैंने पहले आपको बता दी थी ये है 6 नंबर की विधि. Osho की सभी विधि पढने के लिए यहाँ पर क्लिक करें Osho All Dhyan Vidhi घंटेभर के इस शक्तिशाली ध्यान में पंद्रह-पंद्रह मिनट के चार चरण हैं। पहला चरण खड़े होकर करना है; दूसरा बैठकर; तीसरा और चौथा सर्वथा निष्क्रिय होकर। सूर्योदय के बाद या सूर्यास्त के पहले, इसे कभी भी किया जा सकता है। पहला चरण - ओशो  आंखें खुली रखकर एक ही स्थान पर खड़े-खड़े दौड़ें। जहां तक बन पड़े घुटनों को ऊपर उठाएं। श्वास को गहरा और सम रखें। इससे ऊर्जा सारे शरीर में घूमने लगेगी। दूसरा चरण Osho आंखें बंद कर बैठ जाएं। मुंह को शिथिल और खुला रखें—और धीमे-धीमे चक्राकार झूमें—जैसे हवा में पेड़-पौधे झूमते हैं। इससे भीतर जागी ऊर्जा नाभि-केंद्र पर आ जाएगी। तीसरा चरण अब आंखें खोलकर पीठ के बल सीधे लेट जाएं—और दोनों आंखों की पुतलियों को क्लॉकवाइज़-बाएं से दाएं वृत्ताकार घुमाएं। पहले धीरे-धीरे घुमाना शुरू करें, क्रमशः गति को तेज और वृत्त को बड़ा करते जाएँ। ध्यान की अन्य विधि - कुंडलिनी ध्यान : Osho Meditation मुंह को शिथिल व ख...