Skip to main content

माइक्रोवेव में ये चीजे कभी गर्म ना करें

Microwave में गलत खाना गर्म करना या गलत कंटेनर या मग का इस्तेमाल आपको बीमार कर सकता है, नुकसानदायक रसायन आपके पेट मेंजा सकते हैं और यहां तक कि Microwave में आगभी लग सकती है।

High Boiled eggs

यदि आप हार्ड बॉयल्ड अंडे Microwave में रखने जारही हैं तो फिर या तो अंडे खराब हो जाएंगे और याफिर आप अपना हाथ जला लेंगी। Microwave सेतेजी से हीट निकलती है, जो अंडे में बहुत भाप पैदाकर देती है। इस भाप को निकलने के लिए जगहनहीं मिलती तो अंडा फट सकता है।

कुछ प्लेट्स -

आप चाइना बॉउल्स या मैटेलिक किनारों वालीप्लेट्स की शोकीन हैं? ये Microwave में रसायन छोड़ते हैं। अगर आप Microwave का बहुत ज्यादाइस्तेमाल करती हैं तो एक सादा कांच की Microwaveसेफ प्लेट का ही इस्तेमाल करें।

Plastic कंटनेर -

बहुत सी प्लास्टिंक में एस्ट्रोजन जैसे रसायन होतेहैं। ऐसा ही एक रसायन होता है बीपीए, अगर ऐसेप्लास्टिंक में खाना Microwave में गर्म किया जाए तोबीपीए खाने में मिल सकता है। एक शोध में पायागया कि 450 प्लास्टिंक उत्पाद में 95 फीसदीMicrowave में गर्म करने, ड़िशवॉशर में धोने पररसायन छोड़ते हैं, इनमें बेबी बॉटल्स, जिपर टॉपबैग्स और कं§टेनर्स शामिल थे। यहां तक कि जिन कंटेनर्स पर “बीपीए Free” लिखा होता है, वे भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं पाए गए।

मांस -

फ्रोजन मांस को Microwave में डीफ्रॉस्ट करने कोकहा जाता है। जब आप मांस को डीफ्रॉस्ट करतीहैं तो किनारे पकने शुरू हो जाते हैं, जबकि बीचवाला हिस्सा फ्रोजन ही रहता है। यदि Microwave खाने को ठीक से घुमाता नहीं है तो सभी हिस्से एकसे गर्म नहीं हो पाते, जिससे बैक्टीरिया को पैदा होनेका मोका मिल जाता है। मांस को डीफ्रॉस्ट करने केलिए Freeजर से निकालकर फ्रीज में  रखें।

आजकल माइक्रोवेव का चलन बढ़ रहा और इस चलन में प्रयोग लेते वक्त कोइ गडबड ना हो इसके लिए  मेरे सहयोगी गिरधारी ने  यह आर्टिकल भेजा है.

Popular posts from this blog

कुंडलिनी ध्यान : Osho Meditation Technique

दोस्तों आज मैं आपके साथ कुंडलिनी ध्यान (kundalini Meditation) विधि शेयर करने जा रहा हू जो ओशो (Osho) के द्वारा बताई गई है. यह एक अदभुत ध्यान-पद्धति है और इसके जरिए मस्तिष्क से हृदय में उतर आना आसान हो जाता है। [caption id="attachment_698" align="alignnone" width="300"] ओशो कुंडलिनी ध्यान विधि[/caption] एक घंटे के इस ध्यान में पंद्रह-पंद्रह मिनट के चार चरण हैं। पहले और दूसरे चरण में आंखें खुली रखी जा सकती हैं। लेकिन तीसरे और चौथे चरण में आंखें बंद रखनी हैं। सांझ इसके लिए सर्वाधिक उपयुक्त समय है। पहले चरण की संगति सपेरे के बीन-स्वर के साथ बिठायी गयी है। जैसे बीन-स्वर पर जैसे सर्प अपनी कुंडलिनी तोड़कर उठता है, और फन निकालकर नाचने लगता है, वैसे ही इस ध्यान के सम्यक प्रयोग पर साधक की सोई हुई कुंडलिनी शक्ति जाग उठती है। कुंडलिनी ध्यान विधि (By Osho) का  पहला चरण  शरीर को बिलकुल ढीला छोड़ दें और पूरे शरीर को कंपाएं, शेक करें। अनुभव करें कि ऊर्जा पांव से उठकर ऊपर की ओर बढ़ रही है। kundalini Meditaion  विधि ( Osho) का दूसरा चरण संगीत की लय पर नाचे—जैसा आपको भाए—और...

अग्निशिखा ध्यान : ओशो ध्यान विधि

दोस्तों आज मैं आपके सामने ओशो (Osho) के द्वारा बताई गई सर्वप्रसिद विधि (Meditation) अग्निशिखा (Agnishikha) Share कर रहा हु आशा करता हु आपको पसंद आएगी. अच्छा हो कि शाम के समय अग्निशिखा ध्यान किया जाए। और यदि मौसम गर्म हो तो कपड़े उतारकर। इस ध्यान-विधि में पांच-पांच मिनट के तीन चरण हैं। पहला चरण कल्पना करें कि आपके हाथ में एक ऊर्जा का गोला है—गेंद है। थोड़ी देर में यह गोला कल्पना से यथार्थ सा हो जाएगा। वह आपके हाथ पर भारी हो जाएगा। दूसरा चरण ऊर्जा की इस गेंद के साथ खेलना शुरू करें। इसके वजन को, इसके द्रव्यमान को अनुभव करें। जैसे-जैसे यह ठोस होता जाए, इसे एक हाथ से दूसरे हाथ में फेंकना शुरू करें। ओशो की एक अन्य विधि पढने के लिए यहाँ पर क्लिक करें - सक्रिय ध्यान विधि : ओशो  Osho Active Meditation    यदि आप दक्षिणहस्तिक हैं तो दाएं हाथ से शुरू करें और बाएं हाथ से अंत; और यदि वामहस्तिक हैं तो यह प्रक्रिया उलटी होगी। गेंद को हवा में उछालें, अपने चारों ओर उछालें, अपने पैरों के बीच से उछालें-लेकिन ध्यान रखें कि गेंद जमीन पर न गिरे। अन्यथा खेल फिर से शुरू करना पड़ेगा। इस चरण के अंत में गें...

मंडल ध्यान : Osho Meditation Technique

दोस्तों इस वेबसाइट पर ओशो के द्वारा बताई गई ध्यान की 5 विधि मैंने पहले आपको बता दी थी ये है 6 नंबर की विधि. Osho की सभी विधि पढने के लिए यहाँ पर क्लिक करें Osho All Dhyan Vidhi घंटेभर के इस शक्तिशाली ध्यान में पंद्रह-पंद्रह मिनट के चार चरण हैं। पहला चरण खड़े होकर करना है; दूसरा बैठकर; तीसरा और चौथा सर्वथा निष्क्रिय होकर। सूर्योदय के बाद या सूर्यास्त के पहले, इसे कभी भी किया जा सकता है। पहला चरण - ओशो  आंखें खुली रखकर एक ही स्थान पर खड़े-खड़े दौड़ें। जहां तक बन पड़े घुटनों को ऊपर उठाएं। श्वास को गहरा और सम रखें। इससे ऊर्जा सारे शरीर में घूमने लगेगी। दूसरा चरण Osho आंखें बंद कर बैठ जाएं। मुंह को शिथिल और खुला रखें—और धीमे-धीमे चक्राकार झूमें—जैसे हवा में पेड़-पौधे झूमते हैं। इससे भीतर जागी ऊर्जा नाभि-केंद्र पर आ जाएगी। तीसरा चरण अब आंखें खोलकर पीठ के बल सीधे लेट जाएं—और दोनों आंखों की पुतलियों को क्लॉकवाइज़-बाएं से दाएं वृत्ताकार घुमाएं। पहले धीरे-धीरे घुमाना शुरू करें, क्रमशः गति को तेज और वृत्त को बड़ा करते जाएँ। ध्यान की अन्य विधि - कुंडलिनी ध्यान : Osho Meditation मुंह को शिथिल व ख...