सीमित वातावरण में लाल और नीली एलईडी प्रकाश पौधों पर डाली जाए तो उन्हें इससे ऊर्जा मिलती है। परड्यू यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों के इस अध्ययन से अंतरिक्ष में खेती की संभावनाएं बनेंगी। बागवानी प्रोफेसर कैरी मिशेल के नेतृत्व में किए गए शोध के मुताबिक पौधों के झुंड के करीब रखे लाल और नीली एलईडी रोशनी डाले जाने से पौधों की पत्तियों को पनपने का अवसर मिलता है। यह तरीका नियंत्रित माहौल में खेती के लिए मूल्यवान हो सकता है। यह अंतरिक्ष या धरती पर वर्टिकल फार्मिंग (एक इमारत के भीतर एक के ऊपर एक पौधों को रख खेती करना) के लिए कारगर है। धरती पर हर चीज सूर्य के प्रकाश और फोटोसिंथेसिस से चलती है।
दोस्तों आज मैं आपके साथ कुंडलिनी ध्यान (kundalini Meditation) विधि शेयर करने जा रहा हू जो ओशो (Osho) के द्वारा बताई गई है. यह एक अदभुत ध्यान-पद्धति है और इसके जरिए मस्तिष्क से हृदय में उतर आना आसान हो जाता है। [caption id="attachment_698" align="alignnone" width="300"] ओशो कुंडलिनी ध्यान विधि[/caption] एक घंटे के इस ध्यान में पंद्रह-पंद्रह मिनट के चार चरण हैं। पहले और दूसरे चरण में आंखें खुली रखी जा सकती हैं। लेकिन तीसरे और चौथे चरण में आंखें बंद रखनी हैं। सांझ इसके लिए सर्वाधिक उपयुक्त समय है। पहले चरण की संगति सपेरे के बीन-स्वर के साथ बिठायी गयी है। जैसे बीन-स्वर पर जैसे सर्प अपनी कुंडलिनी तोड़कर उठता है, और फन निकालकर नाचने लगता है, वैसे ही इस ध्यान के सम्यक प्रयोग पर साधक की सोई हुई कुंडलिनी शक्ति जाग उठती है। कुंडलिनी ध्यान विधि (By Osho) का पहला चरण शरीर को बिलकुल ढीला छोड़ दें और पूरे शरीर को कंपाएं, शेक करें। अनुभव करें कि ऊर्जा पांव से उठकर ऊपर की ओर बढ़ रही है। kundalini Meditaion विधि ( Osho) का दूसरा चरण संगीत की लय पर नाचे—जैसा आपको भाए—और...