समस्या- मैं शलजम लगाना चाहता हूं क्या अभी लगाया जा सकता है, तकनीकी बताये। समाधान- शलजम शीतकालीन फसल है आप अभी लगा सकते हैं इसकी जड़ों में एवटामिन तथा प्रोटीन रहता है इसकी खेती बड़े स्तर पर पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, बिहार तथा तमिलनाडु में की जाती है। आप भी इसे लगा सकते हैं। निम्न तकनीकी अपनाये। जातियों में पूसा स्वर्णिम, स्नोवाल, अली¸मिलन रेड टाप, गोल्डन बाल, पूसा स्वेती, पूसा चएन्द्रका। खेत की तैयारी मूली/गाजर के खेतों की तरह ही की जाती है। बुआई समय देशी किस्मों का जुलाई से सितम्बर तथा यूरोपियन किस्मों का अक्टूबर से दिसम्बर तक होता है। एक हेक्टर क्षेत्र के लिये 2व5 से 3व5 किलो बीज पर्याप्त है। बीज क्यारियों में बोया जाता है। अंकुरण के उपरांत पोध एवरलीकरण आवशयक रूप से किया जाये। गोबर खाद 200-250 एक्वंटल के साथ 130 किलो यबिरया, 250 किलो सिंगल सुपर फास्फेट तथा 60 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश/हेक्टर की दर से दिया जाये। सिंचाई 8-10 दिनों के अंतर से आवशयक होगी। निंदाई-गुड़ाई तथा मिट्टी चढ़ाना आवशयक कार्य होगा। For Pakistan People Who Does not Know Hindi - [read more="Read ...